किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो इस तरह करें पूर्व तैयारी?

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो इस तरह करें पूर्व तैयारी ?

कमजोर बेस पर उंची इमारत का निर्माण नहीं किया जा सकता। ठीक इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए प्रत्याशी का बेस भी मजबूत होना चाहिए। यहाँ पर कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं जिसके ठीक से उपयोग करने पर प्रत्याशी अत्यल्प प्रयास से उँची नौकरी पा सकता 1

[1] अपनी सोच को बदलें

प्रत्याशी को अपनी उपयोगीता बढ़ानी चाहिए।

यह 21वीं सदी है। प्रत्याशी को अनुपयोगी होकर नहीं चलेगा। जिस तरह प्रतियोगी परीक्षाओं का सिलॅबस और प्रश्न प्रकारों में तेजी से परिवर्तन लाया जा रहा हूँ, उससे यह बात स्पष्ट हो जाती है कि अब नई आवश्यकताओं के अनुरूप अधिकारियों की तलाश की जा रही है।

कठीन परिस्थितियों में भी अपने मस्तिष्क को संतुलित रखने की आदत डालें । हर कठिन परिस्थितियों में स्वयं हमेशा आशावादी बने रहें ।

समाज की समस्याओं को हल करने के प्रति | अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें। समस्याओं के प्रति बहानेबाजी न करें। यह सोच बनाए कि हर समस्याओं का हल उपलब्ध है ।

[2] योग्य दिनचर्या रखें – अपनी दिनचर्या को सुनियोजित बनाए रखे । अपनी दिनचर्या को नियोजन करते समय यह ध्यान रखें कि आप स्वयं के स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने हेतु जागरुक है। दिनचर्या के कुछ अंशों को कठोर बनाएं। स्वयं को अनुशासित करें स्वयं को इस तरह अनुशासित करें की कि आदतें आजीवन बनी रहे।

(3) हर पल सीखने की आदत डालें।

स्वयं को आजीवन विद्यार्थी बनाकर रखें। प्रतिमाह एक पुस्तक अनिवार्य रूप से पढ़े। नोट्स निकालें। साथ ही साथ प्रतियोगी परीक्षा हेतु चयनित किताबों का ठीक से अध्ययन करें।

(4) ज्ञानी होने की सेंखी न बघारें। अहंकारी न बने अन्यथा आप अज्ञानी बने रहेंगे। और निरुपयोगी हो जाएंगे।

(5)अपनी दिनचर्या को उत्तम और फलदायी बनाएं।

सुबह प्रात: 4 बजे से पूर्व उठना, योगाभ्यास, व्यायाम , न्यूजपेपर और पत्रिकाओं के वाचन करना। उत्तम दिनचर्या को अनिवार्य रूप से महत्व दें। प्रतिदिन नोट्स एवं डायरी का लेखन अवश्य

करें ।

(5) प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी प्रारम्भ करने से पूर्व क्या पढ़े?

  1. स्वयं को मौखिक और लिखित गणित में सक्षम कर लें। कक्षा दसवीं तक की गणितीय संक्रियाओं का बारीकी से अभ्यास कर लें।
  2. अपने जिले, राज्य , देश और विश्व के मानचित्र का आकलन ठीक से कर लें। स्वयं को मानचित्र का एक्सपर्ट बना लें।
  3. भारत के संविधान को ठीक से पढ़कर समझ लें और याद कर लें।
  4. मौलिक भाषाओं जैसे, इंग्लिश, हिंदी और अपनी प्रांतीय भाषा के व्याकरण एवं उपयोग को ठीक से समझ लें।
  5. देश और विदेश का सामान्य ज्ञान का ठीक से आकलन कर लें।

इस तरह एक सामान्य बेस बनाने के बाद ही प्रतियोगिता परीक्षा का फाउंडेशन बनाये और उसके बाद ही मुख्य तैयारी शुरू करें।

(6) जओ पढ़े उसको ठीक से और समझकर पढ़ें। केवल पढ़ने के लिए न पढ़े।

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